विधि प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का ऑनलाइन मूट कोर्ट का आयोजन

डॉ. नागेन्द्र सिंह विधि महाविद्यालय, भारतीय विद्या मन्दिर, बाँसवाड़ा में  विधि प्रथम वर्ष के छात्रों द्वारा प्रायोगिक परीक्षा हेतु आनलाईन मूट कोर्ट का आयोजन दि. 18-05-2021 सोमवार को किया गया । विधि प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने एक वाद दास्ताने बनाम दास्ताने के मामले का सम्पूर्ण विचारण किया। हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 10(1) (ख) तथा 23 की व्याख्या न्यायिक पृथक्करण के मामले में क्रूरता सिद्ध करने का भार प्रार्थी पर हैं। प्रार्थी को उचित संदेह से आगे क्रूरता सिद्ध करते की आवश्यकता नहीं। उक्त वाद में निर्णीत किया गया की अगर पक्षकार स्वयं क्रूरता को क्षमा करते हैं, साथ रहते है तब क्रूरता को विवाह विच्छेद का आधार नहीं माना जाता है। मूट कोर्ट में एलएल.बी. प्रथम वर्ष के छात्रों ने विभिन्न किरदारों के रूप में भाग लिया जिसमे संयोजक सुश्री शालीनी मिश्रा,  न्यायाधीश  पीयूष जैन, अपीलार्थी के अधिवक्ता गौरव जैन एवं चिन्मय पुरोहित, प्रत्यर्थी के अधिवक्ता शादाब खान एवं रानी शर्मा थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. के. के. त्रिवेदी, सहायक आचार्य, विधि विभाग, राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय, उदयपुर थे। डॉ. त्रिवेदी ने इस अवसर पर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुये कहा कि मूट कोर्ट के आयोजन के द्वारा विधि विद्यार्थियों को विधिक समस्याओं का सरल तरीकों से हल करना सिखाया जाता है। विदेशों में तो प्रत्येक प्रश्न पत्र के साथ मूट कोर्ट के प्रैक्टिकल को जोड़ दिया गया है ताकि विद्यार्थी सरलता से विषय की समस्याओं को समझ सके और सिख सके।  मूट कोर्ट की अध्यक्षता करते हुये संस्थान की सचिव श्रीमति निर्मला चेलावत ने कहा कि क्लीनिकल लीगल एजुकेशन वर्तमान में देना प्रासंगिक है और विद्यार्थियों को चाहिए की वे इस विधि के क्षेत्र में इस प्रकार के मूट कोर्ट का आयोजन निरंतर करते रहे जिससे उनमे करके सीखने की भावना का विकास हो सके। कार्यक्रम के प्रारंभ में 
डॉ. नागेन्द्र सिंह विधी महाविद्यालय के प्रचार्य डॉ. क्षेत्रपाल सिंह चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया एवं परिचय दिया। मूट कोट प्रभारी श्रीमति अपरा प्रजापत में कार्यक्रम में उपस्थिति अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. ओम प्रकाश, डॉ. ललित कुमार मीणा, श्रीमती सुमन जैन, सूश्री योगिता सिकरवार, एडवोकेट श्री प्रवीण सिंह सोलंकी, एडवोकेट श्री शालोम जॉन एवं राजन सामर उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की सहायक आचार्य डॉ. अंकिता जैन ने किया।

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